Tue. Oct 20th, 2020

    Best 5 Melasma Homeopathic Medicine (Hindi)

    मेलास्मा क्या है? (What Is Melasma)

    मेलास्मा, हिंदी में जिसे झाई कहते है  त्वचा की एक आम समस्या है। इसमें आमतौर पर चेहेरे पे हल्के भूरे से डार्क-भूरे रंग का पैच बनता है. ज्यादातर लोगोको यह गालोंपर, नाक पर, माथे, ठुड्डी पर और उनके ऊपरी होंठ के ऊपर होता है। सूर्य की किरणों की प्रत्यक्ष सम्पर्क आनेवाले शरीर के अन्य हिस्सों पर भी यह दिखाई दे सकता है जैसे कि बाहें और गर्दन।

    Melasma homeopathic medicine

    मेलस्मा किसे हो सकता है 

    पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मेलस्मा होने की संभावना अधिक होती है। यह गर्भावस्था के दौरान अक्सर मेलास्मा तकलीफ हो जाती है। हार्मोन मेलास्मा ट्रिगर करने लगते हैं।

    मेलस्मा महिलाओं की त्वचा पर पुरुषों की त्वचा की तुलना में अधिक बार दिखाई देता है। आमतौर पे मेलस्मा के १०० में से सिर्फ १०% मरीज  पुरुष होते है।

    क्यों होता है मेलस्मा

    मेलास्मा किन कारणों से होता है अभी तक स्पष्ट नहीं है। यह तब होता है जब त्वचा में रंग बनाने वाली कोशिकाएं (मेलानोसाइट्स) बहुत अधिक रंग का उत्पादन करती हैं। गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों में मेलास्मा होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि उनके पास हल्की त्वचा वाले लोगों की तुलना में अधिक सक्रिय मेलानोसाइट्स होते हैं।

    • सूर्यकिरणों का संपर्क सूर्य किरणों में होने वाले अल्ट्रावायलेट लाइट के कारण  हमारी त्वचा के मेलानोसाइट  स्टिम्युलेट हो जाते हैं. यहाँ तक की थोडेसे Sun exposure से भी मेलस्मा की तकलीफ बढ़ सकती है, यही कारन है गर्मियों के मौसम में मेलास्मा की तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। 
    • हार्मोन्स में बदलाव : महिलाओ को  गर्भावस्ता के समय अक्सर मेलस्मा हो   जाता है. बर्थ कण्ट्रोल पिल्स और हार्मोन रिप्लेसमेंट मेडिसीन के कारन भी मेलस्मा हो सकता है
    • अगर कोई स्किन केयर प्रोडक्ट आपकी त्वचा को इरिटेट करता हो तब वो प्रोडक्ट मेलस्मा की तकलीफ बढ़ा सकता है

    Melasma Homeopathic Medicines

    अगर आपको मेलस्मा है तो क्या एहतियात बरतें

    मेलस्मा एक आम त्वचा की समस्या है जो चेहरे पर भूरे से भूरे-भूरे पैच का कारण बनती है। हालांकि मेलास्मा के सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सामान्य ट्रिगर्स में सूर्यकिरणों के संपर्क में आना, गर्भावस्था, गर्भ निरोधक गोलियां और सौंदर्य प्रसाधन शामिल हैं।

    अगर आपको मेलाजमा की तकलीफ है तो नीचे दिए हुए प्रिकॉशंस जरूर ले

    जैसे कि आपको पता है सूर्य किरणों के कारण मेलाजमा बढ़ सकता है तो सूर्य किरणों से बचने के लिए डेली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे की जो सनस्क्रीन आप इस्तेमाल करोगे वह ब्रॉड स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन देने वाला हो, याने उसका सन प्रोटेक्शन फैक्टर (SPF) ३० या उससे ज्यादा हो, और उसमे zinc oxide and/or titanium dioxide हो।

    धूप में  निकलते वक्त छाता या टोपी का इस्तेमाल करें सनग्लासेस भी पहने।

    पानी का अधिक मात्रा में सेवन करे, उससे शरीर में जल का स्तर पर्याप्त बना रहता है साथ ही मेलास्मा कम होता है । 

    Melasma Homeopathic Medicines - मेलस्मा के लिए होम्योपैथिक दवाइया।

    कैडमियम सल्फ्यूरेटम (Cadmium Sulphuratum) मेलस्मा जो सूर्य किरणों के संपर्क में आने के बाद ज्यादा बढ़ जाता है उसके लिए कैडमियम सल्फ्यूरेटम बहुत अच्छी दवा है । इस पेशेंट को वैसे तो मेलस्मा के दाग  पूरे चेहरे पर हो सकते हैं लेकिन प्रमुखता से वह नाक एवं गाल पर रहते हैं। चेहरे पर इचिंग भी रह सकती है । यह दवाई आप 6 X  या 30  पोटेंसी में ले सकते है ।

    थुजा ऑक्सिडेंटलिस (Thuja occidentalis) मेलस्मा में थुजा बहोत अच्छा रिजल्ट देती है । थुजा पेशेन्ट की त्त्वचा बहोत गन्दी होती है, चेहरें पे छोटे छोटे ब्राउन रंग के धब्बे भी होते है जिसे फ्रीकल्स (freckles) कहते है। यह दवाई आप 30  पोटेंसी में ले सकते है।

    सेपिया ऑफिसिनैलिस (Sepia Officinalis) सेपिया ऑफिसिनैलिस मेलस्मा के इलाज के लिए शीर्ष दवाओं में से एक है। इसमें पेशेन्ट के गाल, माथे और नाक पर मेलस्मा के दाग होते है । यह दाग भूरे, Yellowish या काले हो सकते है । पेशेन्ट की त्वचा खुरदरी हो सकती है । सेपिया गर्भावस्थामें होनेवाले मेलस्मा में बहुत कारगर साबित होता है । यह दवाई आप 30  पोटेंसी में ले सकते है।

    लाइकोपोडियम क्लैवाटम  (Lycopodium clavatum) यह दवाई विशेष रूप से पुरुषो को होनेवाले मेलस्मा में बहुत कारगर साबित होती है।  लाइकोपोडियम का रोगी हमेशा पेट फूलने की शिकायतों से पीड़ित होता है और गर्म भोजन और पेय पसंद करता है। मिठाइयों की विशेष लालसा होती है। यह दवाई आप 30  पोटेंसी में ले सकते है।

    बर्बेरिस एक्विफोलियम (Berberis Aquifolium) यह दवाई चेहरे के complexion को साफ करती है, पेशेंट के चेहरे पे मेलस्मा के yellow brown पैचेस होते है। यह दवाई आप 30  पोटेंसी में ले सकते है। पांच बून्द  बर्बेरिस एक्विफोलियम के मदर टिंचर (Berberis Aquifolium Q) को थोडेसे  वैसेलिन में मिला के आप मेलस्मा के धब्बो पे रोज लगाइये इससे भी बहुत फायदा होगा ।

    ये दवाइया आप बताई गई पोटेंसी में दिन में २ या ३ बार ले सकते हो।  

    Healthcare Disclaimer

    The information, including but not limited to, text, graphics, images and other material contained on this website are for informational purposes only. The purpose of this website is to promote broad consumer understanding and knowledge of various health topics. It is not intended to be a substitute for professional medical advice, diagnosis or treatment. Always seek the advice of your physician or other qualified health care provider with any questions you may have regarding a medical condition or treatment and before undertaking a new health care regimen, and never disregard professional medical advice or delay in seeking it because of something you have read on this website